Saturday, May 16, 2020

झूट महिमा


झूट अन्तहीन, झूट अनंत
झूट ही राजा, झूटे मंत्री
झूटा सारा तंत्र
झूट बिना कब मोक्ष मिले
झूट से मिलता ये संसार
झूट कहो सम्मान पाओ
और पाओ दौलत अपार
झूटे हो तो जग में कहलाओगे
तुम सच्चे सेवक
जनता करेगी सम्मान आपका
लूटाएगी तन मन धन
और देगी अपना बहुमुल्य मत।
नेसार अहमद

#कोरोना_काल_की _कविताएं 

No comments:

Post a Comment