
सैकड़ों हज़ारों लोग
औरतें, बच्चे, जवान
फिर से निकल पड़े हैं, खुली सड़क पर
किसी महामारी, धुप, बारिश ओले
और पुलिस की मार की परवाह किये बग़ैर
मंज़िल बस एक है
पहुंचना है घर किसी तरह
यह भूक -
ये अजनबी शहर का अंजना बेपरवाह सन्नाटा
जिसे चुना था कभी हमने तलाश में रोज़ी के
वो इतना खौफनाक और बेपरवाह होगा
ये कब सोचा था हमने
निरकुंश, निर्दयी बेहिस सरकारें
जो हम से छीन लेना चाहती हैं
हमारा सब कुछ
डीज़ल, पेट्रोल, शराब
जीएसटी, वैट, आबकारी
और मंहगाई निचोड़ लेते हैं हमसे हमारी कमाई की एक एक पाई
और छोड़ देते हैं हमें
बेबस, लाचार, निहथे
बनाकर क्रूर औधोगिक मशीनों का चारा
और अब जब बंद है वो मशीन
तो इस शहर और तंत्र को नहीं है ज़रुरत
मिटाने की हमारी भूक
और हम छोड़ दिए गए हैं इन खुली सड़कों पर
चलने को मिलोंमील
पैदल, टूटी चप्पलों में
कंधे पर उठाये अपने बच्चे, बूढ़े मां-बाप
ये बीमारी कुछ करे न करे
यह हमें ज़रूर बताती है कि
हम हैं
ये शहर, ये तंत्र, ये सत्ता
इन सबके होने से नहीं
बल्कि इनके बावजूद
हम जीतेंगे ज़िन्दगी और भूक की ये जंग
आज नहीं तो कल
और तब रचेंगे एक नया संसार
जिसे चुना था कभी हमने तलाश में रोज़ी के
वो इतना खौफनाक और बेपरवाह होगा
ये कब सोचा था हमने
निरकुंश, निर्दयी बेहिस सरकारें
जो हम से छीन लेना चाहती हैं
हमारा सब कुछ
डीज़ल, पेट्रोल, शराब
जीएसटी, वैट, आबकारी
और मंहगाई निचोड़ लेते हैं हमसे हमारी कमाई की एक एक पाई
और छोड़ देते हैं हमें
बेबस, लाचार, निहथे
बनाकर क्रूर औधोगिक मशीनों का चारा
और अब जब बंद है वो मशीन
तो इस शहर और तंत्र को नहीं है ज़रुरत
मिटाने की हमारी भूक
और हम छोड़ दिए गए हैं इन खुली सड़कों पर
चलने को मिलोंमील
पैदल, टूटी चप्पलों में
कंधे पर उठाये अपने बच्चे, बूढ़े मां-बाप
ये बीमारी कुछ करे न करे
यह हमें ज़रूर बताती है कि
हम हैं
ये शहर, ये तंत्र, ये सत्ता
इन सबके होने से नहीं
बल्कि इनके बावजूद
हम जीतेंगे ज़िन्दगी और भूक की ये जंग
आज नहीं तो कल
और तब रचेंगे एक नया संसार
नेसार अहमद
#कोरोना_काल_की _कविताएं
नोट: तस्वीरें इंटरनेट से

https://www.facebook.com/notes/nesar-ahmad/%E0%A4%B8%E0%A5%9C%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A5%9B%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A4%97%E0%A5%80/10222394456910859/
अजीब बात है उन्हें कोई उम्मीद नहीं, किसी से भी नहीं, ऐसा लगता है उन्होंने जान लिया है जो भी है और जो होगा वह सब उनके अपने भरोसे
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